भविष्य की कसोटी

मित्रो,

आज हम जानेंगे की भविष्य का निर्धारण कैसे करे | आज-कल हर माता-पिता को बच्चे के भविष्य की चिंता रहती है, समय के साथ जरुरी भी है चिंता परन्तु कुछ माता-पिता स्वयं के सपने को अपने बच्चे का सपना मान लेते है उदाहरण के लिए मेरा बच्चा बड़ा होकर डॉक्टर बनेगा, इंजिनियर बनेगा आदि |

परन्तु बच्चो का भी सपना होता है कि वह बड़ा होकर एक्टर बने, कुछ का सपना होता है इसरो में साइंटिस्ट बने लेकिन बच्चे अपना

JUNE 02, 2017
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शब्दों का महत्व

मित्रो,

  आज हम चर्चा करेंगे शब्दों के महत्व की, बचपन में कुछ गलत बोलने की वजह से हमें हमारे माता-पिता की खूब सुननी होती थी ठीक उसकी प्रकार आज यदि हम कुछ गलत बोलते है तो हमें बहुत सी चीजे खोना होती है जैसे मित्रो को, जीवन साथी को कभी कभी तो रिश्ते टूट जाते है |

 शब्द संभाले बोलिए, शब्द के हाथ न पावं |

एक शब्द करे औषधि, एक शब्द करे घाव ||

 बचपन में इसे सबने खूब पढ़ा होगा परन्तु हमें ज्ञात

June 11, 2017
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वर्तमान पीढ़ी के संस्कार

मित्रो,

  यह मेरा पहला ब्लॉग पोस्ट है, समय के अनुसार नई पीढ़ी अर्थात वर्तमान पीढ़ी को देखते हुए यह ब्लॉग मैं लिख रहा हूँ |

"परिवर्तन ही प्रकृति का नियम है", परन्तु परिवर्तन का क्रम क्या होना चाहिए यह भी निर्भर होना चाहिए , आज-कल के अंकुरित पौधे जिनकी वृद्धि नियमानुसार ना होकर अन्य साधनों से बड़ाई जा रही है अर्थात वर्तमान के बच्चे जो उनकी उम्र से कहीं अधिक सोचने लगते है | सोच भी वह जो उनकी

May 27, 2017
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